विचार

वाणी का व्यवहार

एक राजा थे। बन-विहार को निकले। रास्ते में प्यास लगी। नजर दौड़ाई एक अन्धे की झोपड़ी दिखी। उसमें जल भरा घड़ा दूर से ही दीख रहा था।राजा ने सिपाही को भेजा और एक लोटा जल माँग लाने के लिए कहा।सिपाही वहाँ पहुँचा और बोला- ऐ अन्धे एक लोटा पानी दे दे। अन्धा अकड़ू था।उसने तुरन्त […]

केरल कांडः हिन्दू आस्था से खिलवाड़, कांग्रेस मौन क्यों?

बेशक यह भी कहा जा सकता है कि सबको अपने ढंग से खानपान की स्वतंत्रता है। सबको अपने विवेकानुसार अपनी आस्था तय करने का अधिकार है लेकिन क्या किसी को दूसरों की भावनाओं को आहत करने का अधिकार है?

हर चैनल क्यों चरित्रहीन को दिखलाता है?

अब जिसका कोइ काम नहीं है पत्रकार है
बस,करतूतों की कलम हाथ में कलाकार है
ये सब धीरे – धीरे सम्पादक भी हो जाते हैं
कलम,बलम के शेर शाम को ही खातें हैं

एक आवाज शोर के खिलाफ

यूँ ध्वनि प्रदूषण के विरूद्ध अनेक नियम-अधिनियम हैं, जिन पर हमारी अदालतें बार-बार कड़ी चेतावनी देती है। तेज आवाज़ वाले वाहनों, जेनरेटर, मशीनें और डैक आदि जब्त करने का प्रावधान भी है।

केले का पत्ता यानी द्वैत में अद्वैत एक रोचक कथा।

ब्लॉगर

वेद से रोग का नाश

मानव जाति के प्राचीनतम अभिलेख वेदों में मन को आत्मन् (आत्म् जो ‘स्व’) का क्रियात्मक तत्व माना गया है। ऋग्वेद और यजुर्वेद में मंत्रों (छंदों) द्वारा एक प्रार्थना की गई है-उचय‘आ नो द्राः.. . शुभ कर्म (विचार) चारों ओर सेहमारे पास आवें। यह बताया गया कि विचार मुखाकृति का निर्धारण करते हैं, विचार मुखाभिव्यक्ति को […]

जी हाँ, मृत्यु उत्सव ही है

कल हमारे पड़ोस में रहने वाले सरदार उजागर सिंह जी इस नश्वर संसार की अपनी यात्रा सम्पूर्ण करते हुए अनन्त में विलीन हो गए। पुत्र, पौत्रों सहित भरा पूरा परिवार है। इसलिए उनकी अंतिम यात्रा बहुत धूमधाम से निकाली गई। बैंड बाजे तो थे ही अनेक सजी सफेद घोड़ियां भी थी जिन पर उनके पौत्र […]

सेक्युलर( धर्म-निरपेक्षता )का सही स्वरूप

भ्रामक और कुपरिभाषित शब्द :- सेकुलरिज्म एक भ्रामक और कुपरिभाषित शब्द है. अधिकाँश लोग इस शब्द का सही अर्थ भी नहीं जानते। इस शब्द की न तो कोई सटीक परिभाषा है, और न ही कोई व्याख्या है। आजकल गलतफहमी में सेकुलर मतलब केवल “हिन्दू-मुस्लिम भाई-भाई” समझ लिया जाता है और, ऐसा करके कुछ लोग गर्व […]

यमुना नदी को कैसे निर्मल बनायें

अभी हाल में ही एन.जी.टी. ने आर्ट ऑफ़ लिविंग पर यमुना को भारी नुकसान पहुँचाने के लिए करोड़ों का जुर्माना ठोका है। दिल्ली के जल मंत्री श्री कपिल मिश्रा ने इसका तार्किक विरोध प्रकट कर आर्ट ऑफ़ लिविंग को प्रत्येक वर्ष इसी प्रकार के सांस्कृतिक आयोजन के लिए आमंत्रित किया है। और एन.जी.टी. पर कटाक्ष […]

भारतीय नव वर्ष तथा काल गणना…….

  काल खंड को मापने के लिए जिस यन्त्र का उपयोग किया जाता है उसे काल निर्णय, काल निर्देशिका या कलेंडर कहते हैं। दुनिया का सबसे पुराना कलेंडर भारतीय है।  इसे स्रष्टि संवत कहते हैं, इसी दिन को स्रष्टि का प्रथम दिवस माना जाता है। यह संवत १९७२९४९११६ यानी एक अरब, सत्तानवे करोड़, उनतीस लाख, […]