विचार

चरित्र विकास– एक साधना

विश्व में कुछ भी बुरा नहीं हैं, विचार ही अच्छाई तथा बुराई का सृजन करते हैं। शरीर, विचार नहीं बनाते अपितु विचारों से शरीर बनता हैं, हमारे विचार ही शब्दों में परिवर्तित होते हैं, हमारे शब्द ही कर्मों में परिणत होते हैं। हमारे कर्म ही हमारी आदतें बनते हैं, हमारी आदतों से हमारा चरित्र बनता […]

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बांग्लादेश में कट्टरवाद लोकतंत्र के लिए खतरा

बांग्लादेश में नए वर्ष के प्रारम्भ में सम्पन्न संसदीय चुनाव में भारी हिंसा के बीच सत्तारूढ़ आवामी लीग की सरकार में पुन: वापसी तो हो गई, किन्तु कट्टरपंथी ताकतों को विपक्षी दल बांग्लादेश नेशनल पार्टी (बी.एन.पी) ने समर्थन किया। नतीजन, पूरे देश में अराजक स्थिति उत्पन्न हो गई और लोकतंत्र का मखौल पूरी दुनिया में […]

हिन्दू चेतना में बहुलवाद के तत्व नहीं हैं

औरंगजेब के गोलकुण्डा को मुगल साम्राज्य में शामिल करने से पहले सन् 1683 में गोलकुण्डा के अंतिम शासक अबू हसन के एक ब्राह्मण प्रधानमंत्री अक्कना ने डच ईस्ट इण्डिया कम्पनी के एक कर्मचारी माइकल जैस्जुन को कहा था, “तुम स्वयं कल्पना कर सकते हो कि कौन-सी सर Alexander Mcqueen Pas Cher का र राजा की […]

कैसा हो नववर्ष हमारा?

अभी हाल ही में एक खबर आई कि क्रिसमस और नए साल के जश्न में सराबोर कुछ युवक गाजियाबाद की सडकों पर हुडदंग करते हुए पकडे गए। बताया गया कि पकड़े गए सभी युवक अच्छे घरों से संबंध रखते हैं। 12वीं कक्षा से लेकर एमबीए डिग्रीधारी 22 से 25 वर्ष के ये छात्र शराब के […]

औपनिवेशिक मानसिकता से ग्रस्त शिक्षा प्रणाली

शिक्षा प्रणाली का अर्थ है शिक्षा देने की पद्धति।समकालीन शिक्षा प्रणाली अर्थात शिक्षा का वह ढंग जो आज कल हमारे स्कूलों और कॉलेजों में प्रचलित है।कहने की आवश्यकता नहीं कि आज जिस रीति से हमारे कॉलेजों में शिक्षा दी जा रही है वह भारतीय रीति नहीं है, अंग्रेजों के शासनकाल में इस प्रणाली का आरंभ हुआ […]

भयभीत करती है किचलू की ताजपोशी

दिल्ली में आप के सरकार बनाने और न बनाने की बहस में जब मीडिया उलझी थी, जम्मू-कश्मीर में परदे के पीछे कुछ और ही खिचड़ी पक रही थी। किश्तवाड़ की हिंसा की जांच के लिए बनाये गये एक सदस्यीय आयोग ने अपनी अंतरिम जांच रिपोर्ट सरकार को सौंपी और आनन-फानन में सज्जाद अहमद किचलू को […]

खून भरी ‘लाल क्रांति’ का असली चेहरा यही है

कौन था नेमीचन्द जैन? कौन है यह सांई रेड्डी?…..छोड़िये इससे क्या फर्क पड़ता है कि कौन पत्रकार मरा है? दूकान खुली है और दिल्ली में ग्लोबलाइजेशन के लिए लॉन्चिंग पैड है बस्तर। यहां बड़े-बडे विश्वविद्यालय हैं, जहाँ बौद्धिकता के नाम पर सिगरेट उंगलियों में फँसा कर दाढ़ी वाले डिबेट करते हैं या बस्तर में सुरक्षा […]

राष्ट्रीय एकीकरण की राह में रोड़ा है अनुच्छेद 370

जम्मू-कश्मीर भारतीय संघ का वैसे ही अभिन्न अंग है जैसे कोई भी अन्य राज्य। जम्मू-कश्मीर का प्रत्येक निवासी भारतीय नागरिक है और उसे वे सभी अधिकार हासिल हैं जो भारत के Parajumpers Long Bear Outlet किसी भी नागरिक को हैं। संविधान का कोई भी प्रावधान उसे मौलिक अधिकार प्राप्त करने से रोक नहीं सकता। अगर […]

कथा-संस्कृति के बदलते सोपान

भारत संसार का प्रथम और सर्वश्रेष्ठ कथापीठ रहा है। कहानी-कथा के माध्यम से शिक्षा, राजनीति, मानवशास्त्र और जीवन, जीव जगत के हर पहलू पर सम्यक विवेचना की जाती है। पंचतंत्र अद्भुत उदाहरण है। सभ्यताओं के अस्तित्व और टकराहट भी कथाओं के माध्यम से जानी और समझी जा सकती है। वैदिक साहित्य विश्व साहित्य के प्राचीनतम […]