विचार

राजनीति की प्रयोगशाला बनते शिक्षा परिसर

संपादक: राष्ट्र किंकर

धारा 370 एवं 35A ने अलगाव वाद को बढ़ावा दिया है।-पार्ट -1

कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है भारतवासी अपने इस भूभाग के लिए बहुत सम्वेदनशील शील है। कश्मीर का बहुत बड़ा बजट है। कश्मीर की रक्षा और पाक समर्थित आतंकवादियों से बचाने के लिए के लिये लगातार बलिदान दिये हैं। अक्सर सुरक्षा बल के शहीद जवानों के शव तिरंगे से लिपट कर आते हैं। 14 मई […]

मानवता, धार्मिकता और राष्ट्रीयता

संपादक राष्ट्र किंकर

माँ की पाती संपादक के नाम

हर पत्रिका की तरह हमारे पास भी ढेरों पत्र आते हैं। उन में से कुछ पत्र का उत्तर तो ज्योतिषाचार्य जी, तो कुछ का स्वास्थ्य- विशेषज्ञ देते हैं। कभी- कभी पारिवारिक अथवा सामाजिक समस्याएं भी आती हैं। तो कानूनी सलाह मांगने वालों की भी कमी नहीं होती। प्रयास रहता है कि उस विषय के ज्ञाता […]

आधुनिक भारतीय समाज में स्त्री का अस्तित्व

भारत एक ऐसा देश है जहां आज भी महिला की सामाजिक,पारवारिक, राजनैतिक, मनोवैज्ञानिक व मानसिक शैक्षणिक एवं सबसे महत्वपूर्ण आर्थिक स्थिति अन्य देशो से तुलनात्मक बहुत कमज़ोर है। भारतीय समाज में आज भी संस्कारों का हवाला देते हुए महिलाओं को रात में घर से निकलने की इज़ाज़त नही मिलती । इसी कारण अधिकांश भारतीय महिला […]

इजराइल से सीखने का अभियान कब से?

भारत के प्रधानमंत्री की इजराइल यात्रा की गूंज अलग-अलग कारणों से पूरी दुनिया में है, वहीं दोनो देशों को एक दूसरे को और निकट से जानने अवसर भी है। रूम सागर के पूर्वी तट पर स्थित इजराइल के बारे में प्रायः सभी जानते हैं कि 14 मई 1948 को स्वतंत्र हुआ दक्षिण पश्चिम एशिया के […]

स्वाभाविक कर-नीति (GST) और कर-ढाँचे से इतना डर क्यों?

कार्यकारी निदेशक, गांधी विद्या संस्थान, राजघाट, वाराणसी

राष्ट्रपाल क्यों न कहा जाये राष्ट्रपति को?

चुनाव आयोग द्वारा गणतंत्र भारत के 14वें राष्ट्रपति के चुनाव के लिए अधिसूचना जारी होते ही राजनैतिक सरगर्मियों तेज हो गई है। इस चुनाव में लोक सभा, राज्यसभा और विधानसभा के निर्वाचित सदस्य भाग लेते हैं। 26 जनवरी, 1950 को भारत के गणतंत्र घोषित होने के बाद से अबतक 13 राष्ट्रपति (3 कार्यवाहक राष्ट्रपति भी) […]

गाय की रक्षा मानवता की रक्षा

गौमाता चराचर जगत की माता हैं। इनकी रक्षा करना हमारा नैतिक कर्तव्य है। अथर्ववेद में आता है कि गौहत्यारे को काँच की गोली से उड़ा दो। अतः हे भारतवासियो ! जागो और गोवंश की हत्या रोकने के लिए आगे आओ। गौमाता धरती का गौरव है। भारत की 40 करोड़ एकड़ भूमि पर पैदावार तथा छोटे-बड़े […]

सेनाध्यक्ष को ‘डॉयर’ कहना-नक्सली सोच

स्वतंत्र भारत में अक्सर इतिहास को गलत ढ़ंग से प्रस्तुत करने के आरोप सामने आते रहते हैं। देश की बहुसंख्यक जनता की आस्था से खिलवाड़ करने से देश के बहादुर लोगों को लुटेरा कहने, महाराणा प्रताप का सम्मान कम करने जैसे शर्मनाक भ्रामक तथ्य तक इतिहास कहलाये तो इतिहास लेखकों की नियत पर शक होता […]