समीक्षा

अयोध्या: आस्था बनाम तर्क

भारतीय अकादमिक परिवेश में वामपंथी विचारधारा कुछ इस कद्र छायी हुई है कि उससे जुड़े लोगों को इसके अलावा कुछ सूझता ही नहीं है। उनके 150 साल पुराने बेसिक फ्रेमवर्क में जो चीज सही नहीं बैठती वो वस्तुनिष्ठ हो सकती, वो सच नहीं हो सकती। एक गलत बात को साबित करने के लिए सौ झूठ […]

भूखों को कटोरा न थमाएं

सिद्धांतत: कोई भी इस खाद्यान्न सुरक्षा बिल का विरोध नहीं करेगा। एक श्रेष्ठ शासक की यह चिंता अनुचित नहीं है कि कोई भी उसके राज्य में भूख न सोए। हमारी संस्कृति और परम्परा भी ‘सर्वजन हिताय’ से स्पंदित रही है। स्वामी विवेकानंद ने तो दरिद्र भूखे व्यक्ति को धर्मोपदेश देना भी अनैतिक माना है। उनका […]