समीक्षा

कैकई : एक चेहरा ये भी

एक बार युद्ध में राजा दशरथ का मुकाबला बाली से हो गया. राजा दशरथ की तीनों रानियों में से कैकयी अस्त्र-शस्त्र और रथ चालन में पारंगत थीं. इसलिए कई बार युद्ध में वह दशरथ जी के साथ होती थीं. जब बाली और राजा दशरथ की भिडंत हुई उस समय भी संयोग वश कैकई साथ ही […]

2019 चुनाव में मोदी का एजेंडा: राजनीतिक शुचिता

आज यह बताने की आवश्यकता नहीं है कि देश किस प्रकार धनबल और बाहुबल की राजनीति से त्रस्त है। राजनेता से लेकर चुनाव आयोग और सर्वोच्च न्यायालय चुनावों को गुंडों और बाहुबलियों से मुक्त कर स्वच्छ राजनीति करने की जरूरत बता चुके हैं। चुनाव सुधारों का मामला केंद्र के समक्ष वर्षों से लम्बित है।

लाल बहादुर शास्त्री जी के बाद पहला ग्रामोदय बजट

इस बार बजट में ग्रामीण विकास के लिए 87,000 करोड़ रुपए का आवंटन, मनरेगा के लिए 38,500 करोड़, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत आवंटन बढ़ाकर 19,000 करोड़ रुपए और किसानों पर ऋण का बोझ कम करने के लिए 15,000 करोड़ रुपए का भारी भरकम प्रावधान निश्चित रूप से किसानों को लेकर केंद्र सरकार की […]

तेल से अपना खेल साध रही है सरकार

वित्त वर्ष २०१४-१५ और २०१५-१६ (पहली छमाही) में कुल मिलाकर राजस्थान को १३००७ करोड़ की कमाई हुई, जबकि दिल्ली को ४३३६ करोड़ की। वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमत में ७० प्रतिशत की कमी आई है, किन्तु देश में पिछले एक साल में देश में पेट्रोल 20% ही सस्ता हुआ।

अफगानिस्तान में चीन, इसके क्या होंगे परिणाम

अफगानिस्ता के मुद्दे पर चीन नई भूमिका कई बुनियादी प्रश्नों को जन्म देता है। पिछले दो तीन वर्षों से चीन अफगानिस्तान में शांति बहाली की प्रक्रिया में लगा हुआ है। महत्वपूर्ण प्रश्न यह है कि चीन-पाकिस्तान की जोड़ अफगानिस्तान में चल पाएगी। चीन के आधिकारिक पत्र ने इस्लाम को अत्यंत क्रूर विध्वंशक कहा है।

‘बाहुबली’ की सफलता के मायने

जल रही है चिता, सांसों में है धुआं फिर भी आस है मन में जगी भोर होगी क्या कभी यहां पूछती यही हैं ये बेड़ियां, देख तो कौन हे ये…। बाहुबली फिल्म जिसने नहीं देखी तो वह कल्पना भी नहीं कर सकता कि इस फिल्म की बनावट, बुनावट, कथानक की कसावट और कलाकारों की भाषा-भूषा, […]

वैकल्पिक चिकित्सा का बढ़ता बाज़ार

भले ही हम एलोपैथिक चिकित्सा पद्धति के सहारे किसी सामान्य बीमारी से तुरंत राहत पा लेते हैं, लेकिन इसके प्रतिकूल प्रभाव को देखते हुए भारत समेत दुनियाभर में इससे इतर वैकल्पिक पद्धति से उपचार कराने का चलन बढ़ रहा है। प्राचीन संस्कृति आधारित चिकित्सा की पारंपरिक प्रणालियां सदियों से स्वास्थ्य व जीवन रक्षा में सहायक […]

भारत में स्वास्थ्य सेवाएं: स्थिति, चुनौती एवं समाधान

  हमें बचपन से ही सिखाया जाता है कि स्वस्थ जीवन ही सफलता की कुंजी है। किसी भी व्यक्ति को अगर जीवन में सफल होना है तो इसके लिए सबसे पहले उसके शरीर का स्वस्थ होना आवश्यक है। व्यक्ति से इतर एक राष्ट्र पर भी यही सिद्धांत लागू होता है। नागरिक जितने स्वस्थ होंगे देश […]

अच्छे दिन कैसे आयेंगे

‘रंगभूमि’ (1925) का सूरदास उजबक- सा दिखता है, पर पहला आम आदमी है जो अपनी जमीं बचाने के लिए औद्यौगिक विकास के नाम पर ‘लूट’ और राजनैतिक छल-छद्म से दिलेरी के साथ संघर्ष करता है | सोची-समझी रणनीति के तहत सरकार की कार्यप्रणाली किसान वर्ग को कंगाल बना रही है | बड़ें किसानों को कभी […]

सख्त बजट ने किसी को नहीं छोड़ा, दाम बढ़ने के संकेत

यह बहुत ही सख्त बजट है. इसमें प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी के साक्षर तो युवानीति, बुजुर्गों के लिए कर छूट, मेक इन इंडिया के तहत विकास की कोशिश में तो दीखते है. पर साथ ही जनता द्वारा बाहर किये गए मनमोहन सिंह के मुहर भी दिखती है. बजट से मुद्रास्फीति बढ़ेगी और लोगों को अपनी […]