प्रेरणा

बच्चों को मिलता है उनका बचपन यहाँ

बस्तियों की गलियों में अथवा किसी निर्माणाधीन इमारत के बाहर काम करने वाली महिलाओं के बच्चें अक्सर दिखाई देते हैं। झुग्गी-बस्ती की महिलाएं अपने बच्चों को घर पर छोड़ कर किसी फैक्टरी अथवा झाड़ू-पोछा, बर्तन इत्यादि का काम करने चली जाती है। और ये शिक्षा व संस्कार के अभाव में अपना मासूम बचपन खो देते […]

अपनों ने ठुकराया, ‘पल्लवी’ ने गले लगाया

राह गुजरते हुए जब कभी हमें कोई मानसिक रोग से ग्रस्त व्यक्ति दिखाई देता है तो प्राय: हम सभी सकुचाते हुए उससे छिटक कर दूर हो जाते है तथा उसकी ओर से नजरें हटाकर अपनी राह पर चलते बनते हैं। हमारे में से बहुत ही कम ऐसे व्यक्ति होंगे जो उनके विषय में तनिक चिन्तन […]

महिला सशक्तीकरण के लिए समर्पित ‘चेतना’

25 फरवरी 2012 को संकल्प भवन आराम बाग, पहाड़गंज में भारतीय स्त्री शक्ति संगठन की अखिल भरतीय सचिव निर्मला आप्टे जी के ‘महिला उत्पीड़न मुक्त भारत’ स्वप्न को साकार रूप देने के लिए ‘चेतना’ नामक एक स्वयंसेवी संस्था का गठन किया गया। यह संस्था महिला सशक्तीकरण को लेकर विभिन्न क्षेत्रों में कार्य करती हैं! भारतीय […]

राष्ट्र-ऋषि दत्तोपंत ठेंगड़ी को नमन

दत्तोपंत ठेंगडी जी का नाम मन में आते ही उनके जीवन के विविध आयाम अनायास ही मन-मस्तिष्क में उभर कर सामने आ जाते हैं। स्वतंत्रता सेनानी, कुशल संगठनकर्ता, अनेक राष्ट्र प्रेमी संगठनों के शिल्पकार, विख्यात विचारक, लेखक, संतो के समान त्यागी और संयमित जीवन जीने वाले ठेंगडी ने भारतीय किसानों और मजदूरों को ससम्मान जीवन […]

नव-दधीचि नानाजी देशमुख को नमन

आधुनिक युग के नव-दधीचि नानाजी देशमुख हमारे बीच नहीं रहे, लेकिन उनका जीवन, दर्शन और आदर्श हमारे लिए आज भी प्रेरणा है। आज उनका जन्मदिवस है और भारतीय समाज में महापुरुषों को किसी न किसी बहाने स्मरण करने की परंपरा रही है। इसके पीछे की सोच यह है कि वर्तमान और भावी पीढ़ी अपने महापुरुषों […]

नौनिहालों की बुनियाद मजबूत कर रहा एक केंद्र

हमारा देश संपन्नता एवं उन्नति के पथ पर काफी तेज से आगे बढ़ रहा है। इस सकारात्मक पहलू का दूसरा रुख यह है कि उतनी ही तेजी से आर्थिक और सामाजिक असमानताएं भी बढ़ रही हैं। कुछ लोग ऐसे हैं, जिनके पास खूब पैसा और विलासितापूर्ण जीवन है, जबकि कुछ लोगों को दो वक्त की […]

सौर ऊर्जा: समय की मांग

ऊर्जा जीवन की गुणवत्ता में आर्थिक विकास और सुधार के लिए एक अनिवार्य निवेश है। समाज की बढ़ती ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए पारंपरिक रूपों के विकास का कार्य सरकार का दायित्व है। दुनिया के सभी देश पृथ्वी के बढ़ते तापमान को लेकर चिंतित हैं और इस कोशिश में जुटे हैं कि ऊर्जा […]

आज़ादी के हकदार बनो

नन्ही कलियों, सुरभित फूलों, निज कोमलता ताज खार बनो। अब बात चमन तक आ पहुंची, दुश्मन के लिए तलवार बनो।। सैयादों की जल्लादों की, है क्रूर नजर खुशहाली पर, जो जान बूझकर अनजान बना, अफ़सोस मुझे उस माली पर। यूं पवन हिंडोले झूल-झूल, इस उपवन पर न भार बनो।। लाख आम, सेब, अंगूर मधुर, रस […]