प्रेरणा

वसुधैव कुटुम्बकम मंत्र को पुष्ट करता सेवा इंटरनेशनल

सेवा इंटरनेशनल वैश्विक स्तर पर सामाजिक और आर्थिक रूप से पिछड़े दीन-दुखी अभावग्रस्त लोगों के संवर्धन एवं सशक्तीकरण के लिए कार्य करने वाला एक स्वयंसेवी संगठन है। सूर्य नारायण राव की प्रेरणा से इसकी स्थापना वर्ष 1997 में डॉ जितेंद्र वीर गुप्ता ने की थी। भारत के अतिरिक्त ऑस्ट्रेलिया, अमेरिका, सिंगापुर सहित कुल नौ देशों […]

मतदाता जागरण गीत

जागो जागो सोने वालो, तुम्हे जगाता फिरता हूँ | लुटने पिटने से बच जाओ, शोर मचाता फिरता हूँ || निद्रा की अलसाई बाहें, थपकी दे दे सुला रही, सुविधाओं की लोरी गा गा, सुख के झूले झुला रही | नवयुग के निर्माताओं की, नींद उड़ाता फिरता हूँ || शक हूणों यवनों ने लुटी, इस धरती […]

मिनी भारत का सपना हुआ साकार एक आदर्श गावं के रूप में

किसी भी कार्य को करने के लिए यदि हम दृढ संकल्प, कड़ी मेहनत और सच्ची लगन से कार्य करते है तो हमारा मार्ग स्वत: प्रशस्त होता जाता है | आज के इस पुरुष प्रधान समाज में ऐसा ही कार्य कर दिखाया है विदिशा (म०प्र०) की श्रीमती प्रतिभा आचार्य ने | उन्होंने अपने मिनी भारत कांसेप्ट […]

स्वावलंबन की अनूठी पहल, मिनी भारत कॉन्सेप्ट

किसी भी कार्य को यदि दृढ़ संकल्प, कड़ी मेहनत और सच्ची लगन से किया जाए तो रास्ते स्वयं ही खुल जाते हैं। आज के पुरुष प्रधान समाज में ऐसा ही एक कार्य कर दिखाया है विदिशा (मध्य प्रदेश) की श्रीमती प्रतिभा आचार्य ने।उन्होंने अपने ‘मिनी भारत कॉन्सेप्ट’ के अन्तर्गत पाँच बीघा जमीन पर 280 परिवारों […]

भटके बच्चों को राह दिखाता समातोल फाउंडेशन

कभी-कभी माता-पिता की अथवा अध्यापक की फटकार से डरकर तो कभी फ़िल्मी सितारों की रंगीन दुनिया से आकर्षित होकर या अन्य किसी कारण से प्राय: बच्चें घर से भाग जाते हैं और प्राय: मुम्बई पहुँच जाते हैं। भूख एवं सहारे की तलाश करते हुए ये बालक प्राय: असामाजिक तत्वों के हाथ लग जाते हैं और […]

जन सहभागिता का आन्दोलन बन गया है ‘अपना देश’

भारतवर्ष के अनेक मनीषियों ने ‘वसुद्यैव कुटुंबकम’ की परिकल्पना से अनेक कार्यों को मूर्तरूप दिया है | इस परिकल्पना का मूलमन्त्र ‘मैं’ को ‘हम’ में परिवर्तित करना है | ऐसा ही एक सफल प्रयोग कर्नाटक में श्री भरतलाल मीणा ने ‘अपना देश’ के माध्यम से किया है | यूँ तो श्री मीणा ने कर्नाटक  के […]

मानवता और समाज हित रक्तदान : अपेक्षा और भावना

रक्तदान आधुनिक मानवता के अंतर्गत आता है | चिकित्सा विज्ञान के उन्नत होने के साथ यह तकनीक आ गई है | जिसमें किसी की रक्त-अल्पता के कारण प्राणों के संकट में आने के समय  दूसरे किसी स्वस्थ व्यक्ति से रक्त लेकर उसे चढ़ाया जा सकता है और उसके प्राणों की रक्षा की जा सकती है […]

बच्चों को मिलता है उनका बचपन यहाँ

बस्तियों की गलियों में अथवा किसी निर्माणाधीन इमारत के बाहर काम करने वाली महिलाओं के बच्चें अक्सर दिखाई देते हैं। झुग्गी-बस्ती की महिलाएं अपने बच्चों को घर पर छोड़ कर किसी फैक्टरी अथवा झाड़ू-पोछा, बर्तन इत्यादि का काम करने चली जाती है। और ये शिक्षा व संस्कार के अभाव में अपना मासूम बचपन खो देते […]

अपनों ने ठुकराया, ‘पल्लवी’ ने गले लगाया

राह गुजरते हुए जब कभी हमें कोई मानसिक रोग से ग्रस्त व्यक्ति दिखाई देता है तो प्राय: हम सभी सकुचाते हुए उससे छिटक कर दूर हो जाते है तथा उसकी ओर से नजरें हटाकर अपनी राह पर चलते बनते हैं। हमारे में से बहुत ही कम ऐसे व्यक्ति होंगे जो उनके विषय में तनिक चिन्तन […]

महिला सशक्तीकरण के लिए समर्पित ‘चेतना’

25 फरवरी 2012 को संकल्प भवन आराम बाग, पहाड़गंज में भारतीय स्त्री शक्ति संगठन की अखिल भरतीय सचिव निर्मला आप्टे जी के ‘महिला उत्पीड़न मुक्त भारत’ स्वप्न को साकार रूप देने के लिए ‘चेतना’ नामक एक स्वयंसेवी संस्था का गठन किया गया। यह संस्था महिला सशक्तीकरण को लेकर विभिन्न क्षेत्रों में कार्य करती हैं! भारतीय […]