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आँसू शाम के बढ़ते अंधेरों ने छुपा लिए

शाम के अंधेरों के बीच ढीठ की तरह खड़ा था कोई बढ़ते क़दमों के बीच धुकधुकी भी बढ़ती जा रही थी अरे तू है! मैं तो बेकार ही…. क्यूँ क्या हुआ? मेरे होने से कुछ भी नहीं होता न तुझे? क्या हुआ है ..क्यूँ कर रहा है ऐसी बातें? जाने दे आज नहीं… यह तू […]

अंगोला में इस्लाम और मस्जिदों पर पाबंदी

अंगोला से छपने वाले कई अखबारों के मुताबिक, इस देश में इस्लाम धर्म और मुसलमानों पर पाबंदी लग गई है। इसके साथ अंगोला इस्लाम पर पाबंदी लगाने वाला पहला देश बन गया है। इस तरह की खबरें भी हैं कि सरकार ने मस्जिदों को गिराए जाने का आदेश दे दिया है। अंगोला की संस्कृति मंत्री […]

नक्सलियों से ज्यादा खतरनाक हैं उनके समर्थक बुद्धिजीवी

नक्सलियों से लड़ने के लिए किसी नए कानून की जरूरत नहीं है। उनसे मौजूदा गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम कानून के तहत आसानी से निपटा जा सकता है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने शुक्रवार (15 नवंबर) को सुप्रीम कोर्ट में दाखिल हलफनामे में यह दावा किया है। हलफनामे में शहरों में रहने वाले नक्सल समर्थक बुद्धिजीवियों को नक्सली […]

सेक्स एजुकेशन से ज्यादा जरूरी वैल्यू एजुकेशन

हर इंसान अपनी जिन्दगी को आजादी और अच्छे तरीके से जीना चाहता है और जिए भी क्यों नहीं? हम इस आजाद भारत के नागरिक हैं। सभी को हक है अपनी जिन्दगी को अपने तरीके से जीने का, परन्तु जब हम गहराई से सोचते है तो मन से आवाज आती है कि क्या हम असल में […]

मूर्खता के मायने!!!

कभी जीवित रहे महान वैज्ञानिक अलबर्ट आइन्स्टीन ने कहा था, “दुनिया में दो चीज़ अनंत हैं; एक है ब्रह्माण्ड और दूसरी है मानव की मूर्खता!” कितनी छोटी मगर बड़े महत्व की बात बोल गए थे हमारे चाचा आइन्स्टीन! बेवकूफी या मूर्खता का हर भारतीय के आम जीवन से बड़ा गहरा नाता है जैसे कि हम […]

दीपावली: दीप जला कर संकल्प लेने का दिवस

दीपावली का नाम स्मरण करने मात्र से अनेक प्रकार के विचार मन में दौड लगाने लगते हैं। बच्चों को जहां नए-नए कपडे, मिठाई, खिलौने व पटाखे याद आते हैं, तो बडों को समृद्धि की देवी मां लक्ष्मी की आराधना कर कुछ पाने की आकांक्षा रहती है। महिलाएं इसकी तैयारियों के विषय में चिंतन में लीन […]

जागो सोये हुए लोगों

अब बहुत हुआ…सोते हुए लोगो अब तो जग जाओ… नहीं तो फिर लाठियां बज़ा के जगाया जायेगा… तुम बैठोगे अपने हक मांगने को और… तुम्हे ठग कह के बुलाया जायेगा… आज अगर नहीं जागे और इन राक्षसों को नहीं भगाया.. तो कल फिर कोई और “विदेशी” माता या बहन या बहु बन के आयेगी… और […]

धर्म की सही परिभाषा

 सन 1964 ईस्वी में जमशेदपुर में सांप्रदायिक दंगा हुआ। लोग हिंसा, आक्रोश, भय और संदेह के साये में पल रहे थे। सैकड़ों लोगों की जानें गईं। रात में पूरी तरह कर्फ्यू लागू थे। बिष्टुपुर के एक मंदिर में पंडित रामानंद जी पुजारी थे। वे सत्यवादी और पक्के सनातनी थे। मंदिर में करीब 20 कच्चे घर […]

रोटी और राजनीति!!

सुबह जब निकला मैं गंतव्य को जाने के लिए! एक श्वान परिवार लगा रहा था, कचरे के ढेर के आसपास चक्कर, ताकि मिल जाए कुछ खाने के लिए! देखा कुछ देर बाद तो, माता के मुंह में था, रोटी का एक टुकड़ा! पिल्लों के मुंह पर आ गयी, थी रौनक और प्रफुल्लित था, उन सबका […]

बस्तर में बांस की कलात्मक दुनिया

तेरहवीं शताब्दी का पूर्वार्द्ध जब अन्नमदेव ने चक्रकोट के नाग शासकों को अंतिम रूप से परास्त कर अपना शासन स्थापित किया तब कोंटा से कांकेर तक उनके द्वारा शासित क्षेत्र का नाम बस्तर रखा गया। इस नामकरण के पीछे अनेक कहानियाँ हैं जिसमे से प्रमुख मान्यता है कि वारंगल से निष्काषित होने के पश्चात बस्तर […]