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रक्त-बीज़ मर्दन करूँ

नाचूँ , गाऊँ , भजन करूँ शीश झुकाऊँ , नमन करूँ । आशीष मिले तुम्हारा तुम पर सब कुछ अर्पण करूँ । रूप , गुण मिले मुझे तुम्हारा तुम्हारी प्रतिमा का दर्पण बनूँ । दुखियों की सेवा करूँ गीत तुम्हारा मनन करूँ । दीनों पर सर्वस्व लुटाऊँ कुविचारों का दमन करूँ ।   असत्य अब […]

“कष्ट तो महावीर ने बहुत भोगे पर वे दुखी नहीं थे”

जैन श्वे. खरतरगच्छ संघ के उपाध्याय प्रवर पूज्य गुरुदेव मरूधर मणि श्री मणिप्रभसागरजी म.सा. ने श्री जिन हरि विहार धर्मशाला में आज प्रवचन फरमाते हुए कहा, “कष्ट और दु:ख की परिभाषा समझने जैसी है। ऊपर से दोनों का अर्थ एक-सा लगता है, पर गहराई से सोचने-समझने पर इसका रहस्य कुछ और ही पता लगता है। कष्टों […]

उत्तर प्रदेश से बहेगी बदलाव की बयार

क्या उत्तर प्रदेश का राजनीतिक वर्चस्व की कम हो रहा है? आज यह प्रश्न सभी लोगों के मन में है। कई लोग कहेंगे कि नहीं यह तो पिछले दशक में ही हो चुका है। उत्तर प्रदेश देश के सबसे अधिक राजनीतिक चेतना संपन्न प्रांतों में रहा है। सदा यह एक प्रगतिवादी सोच का प्रतीक रहा […]

सुलगते सवालों के घेरे में सोशल मीडिया

वीडियो शेयरिंग वेबसाइट यू-ट्यूब का स्लोगन है ‘ब्रॉडकास्ट योरसेल्फ’ यानी खुद को प्रसारित करो। कहने का आशय है कि इस मंच पर आपको अपने विचारों और भावनाओं को अभिव्यक्त करने के लिए असीम आजादी उपलब्ध है। सोशल मीडिया ने अपने स्वरूप में निहित इस विशिष्टता को निखारकर जनमत निर्माण का साधन और दबाव समूह का […]

सेक्युलर सरकार ने दंगा पीड़ितों का धर्म बताया

गृह मंत्रालय ने सांप्रदायिक हिंसा के पीड़ितों की पहचान को संभवत: पहली बार धार्मिक आधार पर उजागर किया है। इस रिपोर्ट के मुताबिक, इस साल सांप्रदायिक हिंसा में अब तक 107 लोगों की मौत हुई है, जिसमें से 66 मुस्लिम और 41 हिन्दू थे। मंत्रालय की ओर से जारी दस्तावेज के मुताबिक, इस साल 15 […]

नक्सलियों का उगाही तंत्र

देश में नक्सल समस्या कितनी गंभीर बन चुकी है, इसका आकलन हाल में आई एक रिपोर्ट से किया जा सकता है। वर्तमान में देश के कई हिस्से नक्सलियों की धधक से खौफजदा हैं। पशुपतिनाथ से तिरुपतिनाथ तक लाल गलियारा बनाने का सपना देख रहे नक्सलियों ने करीब 10500 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में अपनी हुकूमत स्थापित […]

राजनीतिक दलों की आरटीआई के दायरे से बाहर होने की चाह

केन्द्रीय सूचना आयोग (सीआईसी) ने हाल में सभी छह राजनीतिक पार्टियों यानी भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (आईएनसी), भारतीय जनता पार्टी (भाजपा), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) (सीपीएम), बहुजन समाज पार्टी (बसपा) और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) को सूचना का अधिकार अधिनियम (आरटीआई) के दायरे में लाने के निर्णय ने व्यापक रूप से सराहना […]

…ताकि सत्ता के साथ व्यवस्था भी बदले

क्या सरकार बदलने से सत्ता परिवर्तन हो सकता है? वर्तमान काल परिस्थिति में यह यक्ष प्रश्न है। सन् 1967 का चुनाव देश की राजनीति में एक प्रमख पड़ाव था। पहली बार लोगों ने कांग्रेस के खिलाफ खुलकर वोट दिया और कई प्रदेशों में गैर- कांग्रेसी सरकार बनी। कुछ प्रदेशों में गैर-कांग्रेसवाद की अगुवाई कांग्रेस से […]

पीएम के भाषण की निंदा पर हंगामा क्यों?

स्वाधीनता दिवस पर प्रधानमंत्री के भाषण की आलोचना करने पर कांग्रेस के नेता सलमान खुर्शीद, दिग्विजय सिंह और गुलाम नबी आजाद एक मुख्यमंत्री (नरेंद्र मोदी) पर टूट पड़े। उनके कहने का सार था कि स्वाधीनता दिवस प्रधानमंत्री का दिन है और उनकी आलोचना उस दिन नहीं होनी चाहिए। हमें अभी तक पता था कि स्वधीनता […]

मेरे शहर का सन्नाटा और प्रधानमंत्री की चुप्पी

15 अगस्त की सुबह लाल किले की प्राचीर से जिस समय हमारे देश के प्रधानमंत्री भाषण दे रहे थे ठीक उसी समय बिहार के नवादा में स्थित मेरे गांव में सन्नाटा पसरा हुआ था। जानकारी मिली थी कि शहर में दंगे भड़क गए हैं और सरकार ने कर्फ्यू लगा दिया है। ऐसे हालात में घर […]