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…ताकि सत्ता के साथ व्यवस्था भी बदले

क्या सरकार बदलने से सत्ता परिवर्तन हो सकता है? वर्तमान काल परिस्थिति में यह यक्ष प्रश्न है। सन् 1967 का चुनाव देश की राजनीति में एक प्रमख पड़ाव था। पहली बार लोगों ने कांग्रेस के खिलाफ खुलकर वोट दिया और कई प्रदेशों में गैर- कांग्रेसी सरकार बनी। कुछ प्रदेशों में गैर-कांग्रेसवाद की अगुवाई कांग्रेस से […]

पीएम के भाषण की निंदा पर हंगामा क्यों?

स्वाधीनता दिवस पर प्रधानमंत्री के भाषण की आलोचना करने पर कांग्रेस के नेता सलमान खुर्शीद, दिग्विजय सिंह और गुलाम नबी आजाद एक मुख्यमंत्री (नरेंद्र मोदी) पर टूट पड़े। उनके कहने का सार था कि स्वाधीनता दिवस प्रधानमंत्री का दिन है और उनकी आलोचना उस दिन नहीं होनी चाहिए। हमें अभी तक पता था कि स्वधीनता […]

मेरे शहर का सन्नाटा और प्रधानमंत्री की चुप्पी

15 अगस्त की सुबह लाल किले की प्राचीर से जिस समय हमारे देश के प्रधानमंत्री भाषण दे रहे थे ठीक उसी समय बिहार के नवादा में स्थित मेरे गांव में सन्नाटा पसरा हुआ था। जानकारी मिली थी कि शहर में दंगे भड़क गए हैं और सरकार ने कर्फ्यू लगा दिया है। ऐसे हालात में घर […]

अल्लाह बचा लो, ईश्वर बचा लो!

एक तरफ भोले की जयकार, दूसरी तरफ गालियों की बौछार। एक तरफ पैरों में पड़े छाले, दूसरी तरफ इन्हीं पैरों से सार्वजनिक संपत्तियों में तोड़फोड़। एक तरफ हाथों में थामी हुई कांवड़, दूसरी तरफ इन्हीं हाथों से मारपीट। कावंड़ियों के यह दो रूप रह-रहकर सामने आते रहे हैं। कई लोग इस बुरे पक्ष को हिंदू […]