मुद्रा


पं. गिरिमोहन गुरु


थे गर्भ में गुलाम की मुद्रा Purchase Order Buy Parajumpers Long Bear Outlet लिए हुए।

पैदा हुए प्रणाम की मुद्रा लिए हुए।

आदर्श की जब बात चली तो खड़े हुए,

मंचो पर श्रीराम की मुद्रा लिए हुए।

हर बार किया प्रश्न शराबी निगाह ने,

क्यों जी रहे हो जाम की मुद्रा लिए हुए।

था फ़िल्मी गीत कंठ में हिलते रहे मगर,

ये होंठ वेद साम की मुद्रा लिए हुए।

कैसे कहें जीवन में नहीं आया है प्रभात?

आया है मगर शाम की मुद्रा लिए हुए।

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