भारतीय योग संस्थान


संगीता सचदेवा

y1योगेश्वर–अर्थात भगवान कृष्ण के नाम से निस्तृत है योग | इस विद्या को हमारे सिद्धपुरुषों ने हमारे पूर्वजों को सिखाया  |  आज भी हमारे समाज में इसी धरोहर को अनेक संस्थान निशुल्क बाँट रहे हैं | दिल्ली का भारतीय योग संस्थान भी एक चिरपरिचित नाम है  |

दिल्ली व अन्य राज्यों के पार्कों में प्रात:काल अनेक लोग योग एवं प्रणायाम करते हुए दिखाई देते हैं  |  इन में से अधिकांश कक्षाएं भारतीय योग संस्थान द्वारा संचालित की जाती हैं |  भारतीय योग संस्थान की स्थापना 10 अप्रैल 1967 को स्वप्रकाशलालजी द्वारा की गई! संस्थान ने भारतीय संस्कृति के आधार भूत सिद्धांत “वसुधैवकुटुम्भकम्” को अपने आदर्श रुप में अपनाया है | इसके अतिरिक्त “सर्वेभवन्तुसुखिन: सर्वेसन्तुनिरामया:” को अपना प्रेरणास्त्रोत बनाया है |  संस्थान द्वारा जेलों में कैदियों के लिए, सरहद पर सैनिकों के लिए, सायंकाल को महिलाओं के लिए तथा विधालयों में विद्यार्थीयों के लिए भी योगशिविर चलाए जाते हैं |  विभिन्न केन्द्रों पर भी रोगनिवारक शिविर जैसे तनावमुक्ति, मधुमेह से मुक्ति अथवा मोटापे से मुक्ति इत्यादि शिविर चलाए जाते हैं |

संस्थान के महामंत्री श्री देशराज ने विभिन्न विषयों पर गहन अध्ययन एवं शोध कर के अनेक स्वास्थ्य उपयोगी सारगर्भित लेखों व पुस्तकों की रचनाकी है |  दिल्ली के रोहिणी क्षेत्र में स्थित मुख्यकार्यालय एवं शोधकेन्द्र पर प्रतिदिन रोगविशेषज्ञ द्वारा योग से निरोग होने के लिए परामर्श दिया जाता है |  अनेक रोग जैसे गठिया, तनाव, मधुमेह, हाथों व पैरों में सूजन आदि का इलाज खानपान में परिवर्तन कर जीवनशैली बदलने योग व प्राणायाम करने से इलाज संभव है |

संस्थान द्वारा दिल्ली में लगभग 1500 स्थानों पर तथा देश भर में लगभग 2500 से अधिक स्थानों पर निरशुल्क योग शिविरचलाए जाते हैं | कार्यकर्ताओं द्वारा अब तो दुबई, फिजी, यूके, मारीशियस, आस्ट्रेलिया इत्यादि विदेशों में भी 60 विभिन्न स्थानों पर योग साधना केन्द्र खोले गए हैं  | भारतीय योग संस्थान किसी से भी कोई अनुदान राशि नहीं लेता  |

भारतीय योग संस्थान  का अभियान है: जीओ और जीने दोy2

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