जेहाद की आड़ में आतंक


अंजनी कुमार झा

2198_peshawar सिडनी के मार्टिन प्लेस में लिंट चोकलेट कैफ़े के भीतर गत दिवस आंकवादियों ने जिस तरह लोगों को बधंक बनाया, वह बताता है कि ग्लोबल आतंकवाद का खेल जेहाद की आड़ में खेला जा जा रहा है | बेंगलुरु में मेहदी मसरूर विस्वास की हल में गिरफ्तारी से यह स्वयंसिद्ध हो गया है कि जेहाद के नाम पर खुला खेल जारी है | यह इस बात की पुष्टि करती है कि पश्चिम और इस्लामी दुनिया के बीच सांस्कृतिक टकराव छिड़ चुका है | आतंकी संगठन इस्लामी स्टेट ऑफ़ इराक एंड सीरिया (आई.एस.आई.एस.) के उभरने के पीछे भी इसी टकराव को देखा जा रहा है | यह आशंका ठोस हुई है कि पश्चिमी पत्रकार, ईसाई नागरिक और विदेश में बसे अल्पसंख्यक समुदाय आतंकियों के निशाने पर हैं | हाल ही में अमेरिकी सीनेट की गुप्तचर सेवाओं से संबंधित संसदीय समिति ने कहा कि सी.आई.ए. ने संदिग्धों को पूछताछ के दौरान यातनाएं दीं

इस रहस्योद्घाटन के बाद आई.एस.आई.एस.ने कहा कि इसीलिए हमारा जन्म हुआ और हम अपने अपमान का बदला लेंगे | इस बयान के महज दो दिन बाद ही आस्ट्रेलिया में लोगों को बंधक बनाने का मामला प्रकाश में आया | ऐसी ही घटना बेल्जियम में भी हुई | सिडनी आतंकियों के लिय एक साफ्ट टारगेट है, क्योंकि वहां पश्चिम एशिया के काफी लोग रहते हैं अरब देश राजनीतिक-सामाजिक-आर्थिक अस्थिरता के शिकार हैं | वहां के शासन तन्त्र पर काफी हद तक तानाशाही  व्यवस्था और आतंकी ताकते हावी हैं | जेहाद के नाम पर पश्चिमी एशिया के कई देशों में गृह युद्ध छिड़ा हुआ है | कभी लश्करे तैय्यबा तो अब आई.एस.आई.एस. के नाम पर यह नेटवर्क पूरी दुनिया में तबाही मचा रहा है | जेहाद के नाम पर ढेर सारा धन और मजहब के नाम पर मर-मिटने वाले लाखों लोग उन्हें मिल जाते हैं और फिर नापाक और क्रूर खेल का तांडव चलता है | ब्रिटेन के न्यूज चैनल 4 के खुलासे के बाद तो भारत सरकार काफी सकते में है |

क्रिसमस कि चहल-पहल के शुरुआत में दहशत के कारण सिडनी में हाइड पार्क, ओपेरा हाउस को बंद कर दिया गया | रॉयल बॉटेनिक गार्डन, डार्लिंग हार्बर, बेनार पार्क, सिडनी हार्बर ब्रिज जैसे भीड़ भार इलाकों में सन्नाटा पसरा है | अमेरिका का मित्र देश होने के कारण आस्ट्रेलिया को निशाना बनाया जा रहा है | 49 वर्षीय ईरानी शरणार्थी हारून पर दुष्कर्म के 47 मामले हैं | उसे इस अपराध का गम नहीं है | वह भी मेहदी की तरह जेहाद बताता है |images

पिछले पखवाड़े बाघा बार्डर पर जबर्दस्त आत्मघाती हमले की जिम्मेदारी अलकायदा ने ली थी | इसके मुखिया अल जवाहिरी के मुताबिक “भारतीय उपमहाद्वीप में ब्रिटिश हुकूमत ने सरहदें कड़ी की थी | हम उन सरहदों को तोड़ देंगे और अल्लाह की हुकुमत काबिज करेंगे |” सुरक्षा मामले के जानकार प्रवीन स्वामी के मुताबिक, हमला पाकिस्तानी नेवी पर मिसाइल हथियाने के लिए किया गया था | उनके मुताबिक, अलकायदा ने दो हमलावर टीम बनाई थी | एक को निर्देश था कि वह मिसाइल से भारतीय युद्धपोत को निशाना बनाए | वहीं दूसरे से कहा था कि वह अमेरिका के ईंधन आपूर्ति को सुरक्षा मुहैया करने वाले जहाजी बेड़े पर हमला करे | पिछले दिनों ख़ुफ़िया ब्यूरो ने अलर्ट में कहा था कि कोलकाता बंदरगाह आतंकियों के निशाने पर है | ख़ुफ़िया सूत्रों के मुताबिक, भारत में सक्रिय तमाम जेहादी संगठन एक्यूआईएस से जुड़ने लगे हैं | उधर राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एन.आई.ए.) ने इन्डियन मुजाहिदीन (आई.एम.) के बाबत कोर्ट में हलफनामे में जिक्र किया है कि रियाज शाह्बदरी ने यासीन भटकल को बताया था कि वे लोग (आई.एम.) अलकायदा के साथ मिलकर काम करेंगे | इसी संगठन के मिर्जा शाबाद बेग ने असदुल्लाह अख्तर से कह था कि अलकायदा से बात काफी आगे बढ़ चुकी है | अलकायदा के नेतृत्त्व में पांच जेहादी संगठन भारत में ओपरेशन चलायेंगे |  अलकायदा के थिंक टैंक का हिस्सा माने जाने वाला मौलाना आसिम उमर ने ‘अजान’ पत्रिका में लेख लिखा जिसमे जिक्र है कि उत्तरप्रदेश की माताएं अपने बचों को ऐसी लोरियां क्यों नहीं सुनाती कि वह बाज़ार, पार्क और खेल के मैदान में समय बर्बाद करने की बजे शामली के मैदान में जेहाद करें | लेख में यह भी उल्लेख है कि क्या बिहार की जमीं बंजर हो गई है , जहाँ कोई सूरमा पैदा नहीं होता | पश्चिम बंगाल का जिक्र करते हुए उमर ने लिखा, ” पश्चिम  बंगाल पर किस शैतान की नजर पड़ गई है कि वहां की सरजमीं सदियों से सिराजुद्दौला के लिए तरस रही है |”  इसी कारण सुरक्षा मामलों के जानकार सुशांत श्रीं ए.क्यू.आई.एस. को भारत के लिए खतरा मानते हैं | वे बताते हैं, “ए .क्यू.आई.एस. का गठन भारत के लिए चिंता का विषय है, क्योंकि अल जवाहिरी या ओसामा बिन लादेन ने शायद पहले कभी भारत का जिक्र किया हो | सुरक्षा विशेषज्ञ का मानना है कि आई.एम. का अलकायदा में विलय हो चुका है | स्वामी के अनुसार “आई.एम.” का अलकायदा में विलय हो चुका है यह गुट अब पेट्रोकेमिकल प्लांट, इजरायली पर्यटकों, आतंकवाद निरोधी दस्ते को निशाना बनाएगा | कई जानकारों  का कहना है कि भारत और पाकिस्तान के हालात में ज्यादा फर्क नहीं है | गरीबी और बेरोजगारी दोनों जगह है | जेहादियों के साथ मुस्लिमों की सहानुभूति बढ़ रही है |

6146_funeralइंस्टिट्यूट ऑफ़ पीस एंड कान्फिक्त स्टडीज (आई.पी.सी.एस.) की अलकायदा पर एक रिसर्च रिपोर्ट के मुताबिक, एक्यूआईएस का गठन अलकायदा और आईएस के बीच चल रहे नेतृत्त्व संघर्ष का परिणाम है पश्चिम एशिया में चल रहे निर्माण के क्षेत्र के धंधे पर आईएस का दबदबा बढ़ गया है | कुछ विश्लेषकों के मत में सरकार और जनता को धूल झोंकने का स्वांग है | डोर तो चुनिन्दा लोगो के पास ही है |

व्यूहमें घिरा पाक:

जेहादी तैयार करने की परम्परा पाकिस्तान में जनरल जिया उल हक के समय में जोर पकड़ी | अफगानिस्तान के व्यापार मार्ग पर कब्जा ज़माने के लिए पाकिस्तानी सेना और सरकार तालिबान के मुल्ला उमर से मिलकर योजनाये बनाती थी | मुशर्रफ को अमेरिकी दबाब के कारण पाक की रणनीति बदलनी पड़ी| हालाँकि, तब तक तालिबान की जड़ काफी मजबूत हो चुकी थी | वहां मुल्ला और जेहादियों का गहरा प्रभाव है | वहां बेरोजगारी बढ़ी है, किन्तु उनका रुख जेहादी मदरसों की तरफ है |

वर्ष                 आत्मघाती हमला                               मौत

2007                      54                                          765

2008                      59                                          893

2009                      76                                           949

2010                      49                                          1167

कोमल मन, पर हिंसा:

भारत और बांग्लादेश में भी इस्लामिक आतंकी संगठन महिला जेहादियों को तैयार कर रहे हैं | 2005 से ही ईराक में महिला आत्मघाती दस्तों की सक्रियता देखि गई | इनमें कुछ यूरोप में पैदा हुई थी | एक महत्त्वपूर्ण उदहारण बेल्जियम की रहने वालि 38 वर्षीय मुरियल डेगाउक्यू थी, जिसने 9 नवम्बर, 2005 को बगदाद में अमेरिकी सैन्य दस्ते पर आत्मघाती धमाका किया था | रोचक घटना है कि इसका जन्म कैथोलिक क्रिश्चयन परिवार में हुआ था | पर 2000 के आस-पास वह रेडिकल इस्लाम के प्रभाव में आई और मोरक्कों के एक जिहादी मुस्लिम से शादी की | फिर वह पति के साथ इराक में जेहाद के लिए पहुँच गई | जुलाई, 2007 में महिला जेहादियों का खौफनाक चेहरा दिखा जब मुशरर्फ ने लाल मस्जिद पर कार्यवाही के लिए सेना को आदेश दिया तो महिला दस्ते ने मोर्चा सम्भाला | इस मस्जिद के मौलाना भाई गाजी अब्दुल रशीद और अजीज ने इन्हें प्रशिक्षण दिया | महिलाए रेडिकल इस्लाम के नाम पर आतंक फैला रही हैं | अक्तूबर,2009 में लाहौर के कमांडों प्रशिक्षण केन्द्र पर महिला आतंकियों ने हमला क्या था | यह दस्ता यूरोप, अफ्रीका से लेकर एशिया तक फ़ैल चुका है | फ़्रांस, ब्रिटेन, आस्ट्रिया, जर्मनी की कई महिलायें सीरिया और ईराक में इस्लामिक स्टेट के साथ जेहाद में शामिल हो चुकी हैं | एक अनुमान के अनुसार ब्रिटेन की 50, फ़्रांस की 63, जर्मिनी की 40, और आस्ट्रिया की 14 लड़कियां जेहादी बनकर सीरिया पहुँच चुकी हैं | ब्रिटेन की पत्रिका ‘ एशियन अफेयर्स’ के प्रबंध सम्पादक पैब्ली सत भांबरा के मुताबिक इस समय ब्रिटेन और पूरे यूरोप की सबसे गंभीर समस्या किशोर उमर की लड़कियों का जेहादी बनना है | भांबरा के मत में, ब्रिटेन में अच्छे घरों की लड़कियों की ड्रग के माध्यम से जेहादी काबू कर रहे हैं | ये इस्लामिक चैट फोरम से जुड़कर डर और दहशत का बाजार फैला रही हैं |

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3 Comments

  1. Gauurav Joshi says:

    I agree with your point sir. The terrorist gourps like al quida and isis are rivals of humanity. Jehad is just the name given by few people like Hafiz sayeed to wash the brains of innocent youth for there own benefit and political satire.
    Terrorist groups are all over the world and its high time to fight back against terrorism. The youth should play a active role in this fight against terrorism. All the Governments should take harsh steps to fight against terrorism.
    Indian politicians and political parties should take this problem seriously and should leave there personal fights and should unite to solve the problems and army should be given a strong support to retiliate against this international problem.The lethargy of the political parties should not be tolerated by the people of the country.
    special sessions of the Parliament and Joint sessions of the Parliament should be arranged to disscuss thes problem and come up with a solution.
    This article is a eye opener for all.
    Gaurav Joshi

  2. Anmol says:

    Shame on taliban..

  3. Anmol says:

    Shame on taliban..
    PLS BE HUMAN..