जल ही जीवन है


सुश्री संगीता सचदेवा

जल ही जीवन है !!जल की अधिकता व कमी दोनों ही हानिकारक हैं ! ऋतुओं के देश भारत में वर्षा ऋतु में यदि जल का संचयन भलि भाँति कर लिया जाये तो देश में जल आपदा जैसी समस्या से काफ़ी हद तक छुटकारा प्राप्त हो सकता है ! जल संचयन एवं संरक्षण के लिए पिछले कई वर्षों से प्रयास रत हैं कर्नाटक के श्री अयप्पामसागी ! 4200 से भी अधिक स्थानों पर जल संचयन का कार्य करने वाले अयप्पा का नाम लिम्का बुक ऑफ़ वर्ल्ड रिकॉर्ड में भी लिखा गया है ! अयप्पा कहते है “जल संचयन के लिए हम बड़ी बड़ी सरकारी योजनों पर ही निर्भर रहते हैं परन्तु यदि प्र्त्येक व्यक्ति जल संचयन के लिए जागरूक होकर इसे कार्यान्वित करे तो हमारे देश में जल आपदा की समस्या ही न ही होगी !
अयप्पा बताते है कि बचपन में प्रातः तीन बजे उठकर वे अपनी माँ के साथ मीलों दूर से पानी लेकर आते थे तभी से ही उन्होंने जल संचयन एवं संरक्षण करने की ठान ली थी ! सन 2002 में एल एंड टी की 55000 की नौकरी को त्यागपत्र देकर अयप्पा अपने जल संचयन के स्वप्न को साकार करने चल पड़े ! ऐसे में अशोका फाउंडेशन ने उन्हें आर्थिक सहायता दी और उनके अनुसंधान कार्य तेज़ी से चलने लगा !
गत 9-10 वर्षों में अयप्पा ने रेन वाटर कंज़र्वेशन प्रोजेक्ट के अंतर्गत 72 फैक्ट्रीज, 200 से अधिक अपार्टमेंट्स, 50 शिक्षण संस्थानों व 3000 से अधिक घरों में जल संचयन का कार्य किया है ! विप्रो, टाटा, लार्सन एंड टूब्रो, नेस्ले, पेप्सी, जिंदल स्टील, ए. सी . सी इत्यादि कुछ कम्पनीओ के नाम है जहाँ अयप्पा ने जल संचयन एवं संरक्षण का कार्य किया है ! Ajex Fior engineering Pvt. Ltd. प्रतिवर्ष 96 लाख लीटर वर्षा का पानी संचयन एवं संरक्षण करती है तथा ज़रूरत पड़ने पर कंपनी आस पास के क्षेत्रों में भी जल की आपूर्ति करती है ! इस्कॉन अक्षय पात्र फाउंडेशन, धारावाड में जलसंचयन के कारण मिड डे मील बनाने की कीमत सात रुपये से कम होकर तीन रुपया रह गई है ! इस्कॉन मंदिर में जल संचयन के लिए बनी झील के कारण आस पास के कुओं में भी पानी आ गया है !
अयप्पा अपने साथ काम करने वाले किसानों को ‘जल सिपाही ‘ कह कर पुकारते है ! अयप्पा कहते है किधरती पर गिरने वाली प्रत्येक वर्षा की बूँद का संचयन कर संरक्षण किया जा सकता है इस प्रकार पानी के लिए होने वाले प्रत्येक युद्ध से समय रहते जीता जा सकता है !
अयप्पा को अनेकों पुरस्कार एवं उपाधियाँ मिली है, जिनमें से, आई आई ऍम अहमदाबाद की ‘डॉक्टर ऑफ़ ड्राई बोरवेल’, बैंगलोर ट्रस्ट की ‘वाटरगाँधी ‘ ए आई डब्लू एकी ‘जल सदगुरु ‘ प्रमुख हैं !
अयप्पा कहते है, “कोई भी इंसान किन परिस्थियों में पैदा होता है इस बात से कोई फ़र्क नहीं पड़ता परन्तु इस दुनियाँ में उसने लोक कल्याण हेतू क्या क्या कार्य किया है इस बात का औचित्य है !

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